सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार संबंधी (संशोधन) निदेश, 2026
आरबीआई/2025-26/206 09 फरवरी 2026 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार संबंधी (संशोधन) निदेश, 2026 कृपया मास्टर निदेश – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को उधार (23 जुलाई 2025 की स्थिति के अनुसार अद्यतन) देखें (जिसे इसमें इसके बाद ‘निदेश’ कहा गया है)। 2. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 21 और 35क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए समीक्षा करने के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इस बात से संतुष्ट होकर, कि ऐसा करना सार्वजनिक हित में आवश्यक और समीचीन है, एतद्द्वारा ये निदेश जारी किए जाते हैं, जो इसके बाद विनिर्दिष्ट किए गए हैं। 3. संशोधन निदेश के माध्यम से निदेशों में निम्नानुसार परिवर्तन किए गए हैं: i. पैराग्राफ 4.1 को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:- “4.1 संपार्श्विक प्रतिभूति
ii. पैराग्राफ 6.5 को हटा दिया गया है: 4. उपर्युक्त संशोधन 01 अप्रैल 2026 को या उसके बाद एमएसई उधारकर्ताओं को दिए जाने वाले या नवीकृत किए जाने वाले सभी ऋणों के लिए लागू होगा। भवदीय (आर गिरिधरन) |
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